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आध्यात्मिक जीवन जीने की कला जीने की कला का ज्ञान जीवन का उद्देश्य

प्रार्थना विश्वव्यापी प्रार्थना मण्डल

इस प्रकार जीवन को चलने दीजिये, उसके बाद इस जन्म के बाद परमात्मा हमारा क्या करेंगे, वो परमात्मा पर छोड़ दीजिये. उन्हें सब पता है की क्या करना है क्या नहीं.

ईश्वर का आनंद असीम है, निरंतर है, और नित्य नवीन है। जब आप उस चेतना में होते हैं तो आप का शरीर, मन, या कुछ भी आपको अशांत नहीं कर सकता- ऐसी है ईश्वर की कृपा और महिमा। जो कुछ भी आप समझ नहीं पाए हैं; जो कुछ भी आप जानना चाहते हैं, वह सब आपको स्पष्ट कर देंगे।

अतः, इस कारण ईश्वर की खोज करना उचित ही है। वे सभी भक्त जो सच्चाई से उन्हें खोजते हैं वे उन्हें अवश्य प्राप्त करेंगे। जो ईश्वर को प्रेम करना चाहते हैं और उनके साम्राज्य में प्रवेश करने की लालसा रखते हैं, और जो सच्चे हृदय से उन्हें जानना चाहते हैं, वे उन्हें पा लेंगे। दिन और रात उनके लिए आपके मन में इच्छा सदा बढ़ती रहनी चाहिए। वे आपको दिए गए वचन को अनन्तता तक निभा कर आपके प्रेम का प्रत्युत्तर देंगे, और आप अन्तहीन आनन्द और सुख को जान जाएंगे। सब प्रकाश है, सब आनन्द है, सब शांति है, सब प्रेम है। वे ही सब कुछ हैं।

जब मन और भावनाओं को भीतर की ओर मोड़ दिया जाता है, आप ईश्वर के आनन्द को अनुभव करना प्रारम्भ करते हैं । इन्द्रियों के आनन्द स्थाई नहीं हैं; परन्तु ईश्वर का आनन्द शाश्वत है। यह अतुलनीय है।

तो क्या जीवन का ये खेल अनवरत चलता ही रहता है, एक जन्म के बाद दूसरा, फिर तीसरा, फिर चौथा?

मनुष्य पृथ्वी पर केवल ईश्वर को जानना सीखने के लिए आया है, वह किसी और कारण से यहाँ नहीं है। यही ईश्वर का सच्चा संदेश है। जो उन्हें खोजते हैं और उनसे प्रेम करते हैं, उन सबको वे उस महान् जीवन के विषय में बताते हैं जहाँ कोई पीड़ा नहीं है, कोई वृद्धावस्था नहीं है, कोई युद्ध नहीं है, कोई मृत्यु नहीं है—केवल शाश्वत आश्वासन है। उस जीवन में कुछ भी नष्ट नहीं होता। वहाँ केवल वर्णनातीत आनन्द है जो कभी फीका नहीं पड़ता—एक आनन्द जो नित्य-नवीन रहता है।

उसके बाद आत्मा किसी दुसरे शरीर में प्रवेश करेगी, चाहे वो इंसान का हो या किसी दुसरे प्राणी का. लेकिन आपका जन्म तो फिर से हो ही गया ना.

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सच्चाई ये है की आज हर कोई बनावटी दुनिया के जाल में फंसकर बिलकुल ही check here भूल चुका है की हमारे जीवन का उद्देश्य क्या है.

यहाँ तक सब ठीक है लेकिन जीवन का उद्देश्य क्या है? जीवन की सच्चाई क्या है?

जीवन का उद्देश्य क्या है, यानी मकसद क्या है? हमें दौड़कर हासिल क्या करना है? ये बात इस दुनिया में पैदा हुए बस कुछ ही लोग समझ पाए हैं.

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